एस के श्रीवास्तव विकास

वाराणसी/-एपेक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल वाराणसी ने चिकित्सा के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है।अस्पताल के डॉक्टरों ने एक अत्यंत जटिल एवं उच्च जोखिम (हाई रिस्क) वाले किडनी ट्रांसप्लांट को सफलतापूर्वक अंजाम देकर 31 वर्षीय युवक को जीवनदान दिया है।इस सफल ऑपरेशन में 53 वर्षीय मां ने अपनी किडनी दान कर ममता की नई मिसाल पेश की है।मामला तब चुनौतीपूर्ण हो गया जब 31 वर्षीय मरीज को किडनी प्रत्यारोपण की आवश्यकता पड़ी।मरीज गंभीर हृदय रोग हृदय की कम पंपिंग क्षमता और गंभीर पल्मोनरी आर्टेरियल हाइपरटेंशन जैसी जानलेवा बीमारियों से जूझ रहा था।हृदय की नाजुक स्थिति के कारण अन्य बड़े संस्थानों ने मरीज की जटिलताओं को देखते हुए प्रत्यारोपण करने से मना कर दिया था।ऐसे में एपेक्स हॉस्पिटल की अनुभवी टीम ने चुनौती स्वीकार की।नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ निवेदिता पंडित,यूरोलॉजिस्ट डॉ पुनीत कुमार और एनेस्थीसियोलॉजिस्ट डॉ अभिषेक सिंह के नेतृत्व में ट्रांसप्लांट टीम ने पूरी सावधानी के साथ यह जटिल सर्जरी संपन्न की।नर्सिंग सुपरिटेंडेंट आनंद के नेतृत्व में मिली उच्च गुणवत्तापूर्ण नर्सिंग केयर ने मरीज की रिकवरी को और भी सुरक्षित बना दिया।सर्जरी के बाद परिणाम उत्साहजनक रहे। ऑपरेशन के तीसरे दिन तक मरीज की किडनी का फंक्शन पूरी तरह सामान्य हो गया।वहीं किडनी दान करने वाली 53 वर्षीय मां भी नेफरेक्टोमी के तीसरे दिन स्वस्थ होकर अस्पताल से डिस्चार्ज हो गईं।अस्पताल के चेयरमैन प्रो डॉ एस के सिंह ने पूरी ट्रांसप्लांट टीम को बधाई दी।उन्होंने कहा, “यह उपलब्धि केवल मेडिकल साइंस का चमत्कार नहीं है,बल्कि यह एक मां के निस्वार्थ त्याग और पिछले 40 वर्षों से एपेक्स हॉस्पिटल पर जनता के अटूट विश्वास का परिणाम है।यह केस दर्शाता है कि जब सही चिकित्सा विशेषज्ञता और टीमवर्क मिलता है,तो जटिल से जटिल ऑपरेशन भी सफल हो सकते हैं।” वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों के लिए यह उपलब्धि चिकित्सा जगत में एक नया विश्वास जगाने वाली है,जहां अब गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को भी उम्मीद की एक नई किरण दिखाई दे रही है।
