एस के श्रीवास्तव विकास

वाराणसी/-राजातालाब तहसील बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने गुरुवार को अपनी विभिन्न मांगों को लेकर न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया।इस दौरान अधिवक्ताओं ने पुलिस कार्रवाई लंबित पत्रावलियों और तहसील की कार्यशैली पर आक्रोश व्यक्त किया।बार भवन में आयोजित एक बैठक में अधिवक्ताओं ने सर्वसम्मति से न्यायिक कार्य से विरक्त रहने का निर्णय लिया। बैठक में आनंद सिंह पटेल द्वारा रखे गए प्रस्ताव को सभी अधिवक्ताओं ने समर्थन दिया।अधिवक्ताओं ने वरिष्ठ अधिवक्ता संजय कुमार के परिवार पर हुए प्राणघातक हमले की कड़ी निंदा की।उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के बाद भी पुलिस द्वारा अब तक कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं की गई है,जिससे अधिवक्ता समाज में नाराजगी है।अधिवक्ताओं ने दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की।

इसके अतिरिक्त तहसील राजातालाब में धारा 32/38 से संबंधित पत्रावलियों की रिपोर्ट समय पर प्रेषित न किए जाने का मुद्दा भी उठाया गया।अधिवक्ताओं का कहना था कि रिपोर्ट लंबित रहने से न्यायिक कार्य प्रभावित हो रहा है और वादकारियों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।बैठक में यह आरोप भी लगाया गया कि कई लेखपाल और कानूनगो नियमित रूप से तहसील कार्यालय में उपस्थित नहीं रहते हैं।अधिवक्ताओं के अनुसार,कुछ कर्मचारी अपने निजी कार्यालयों से कार्य कर रहे हैं,जिसके कारण लोगों को राजस्व संबंधी कार्यों के लिए बार-बार भटकना पड़ता है और समय पर उनका निस्तारण नहीं हो पाता।बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ने गुरुवार शाम बताया कि विभिन्न मांगों और समस्याओं को लेकर एक दिन के न्यायिक कार्य बहिष्कार का निर्णय लिया गया था।उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं की मांगे जनहित और न्यायिक व्यवस्था को सुचारु बनाने से जुड़ी हैं।यदि संबंधित विभागों द्वारा जल्द समाधान नहीं किया गया तो बार एसोसिएशन आगे की रणनीति बनाकर आंदोलन को और व्यापक करेगा।दिनभर न्यायिक कार्य ठप रहने के कारण तहसील में अपने मामलों के निस्तारण के लिए पहुंचे वादकारियों
