एस के श्रीवास्तव विकास

वाराणसी/-वाराणसी में ‘संविधान हत्या दिवस’ पर आयोजित भव्य कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले लोकतंत्र सेनानियों को मंच पर अंगवस्त्र पहनाकर और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

कार्यक्रम स्थल के बैनर पर ‘कांग्रेस द्वारा लगाए गए आपातकाल के 51 वर्ष’ लिखा था जिसे डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने ‘संविधान हत्या दिवस’ बताया तथा प्रेम सिंह,राम जी गुप्ता,इंद्रजीत पांडेय,शिव शंकर समेत सैकड़ों सेनानियों का सम्मान हुआ।

फोटो खिंचवाने के लिए डिप्टी सीएम सभी सेनानियों के साथ जमीन पर बैठे,जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया।इस दौरान उन्होंने आपातकाल को जनविरोधी और लोकतंत्र का काला अध्याय बताया।यह आयोजन केंद्र की मोदी सरकार द्वारा 11 जुलाई 2024 को जारी राजपत्र अधिसूचना के बाद हुआ,जिसमें 25 जून 1975 को लगे आपातकाल को ‘संविधान हत्या दिवस’ घोषित किया गया है।

अधिसूचना के मुताबिक 25 जून 1975 को मंत्रिपरिषद की बैठक के बिना आपातकाल लगाकर अटल बिहारी वाजपेयी,लालकृष्ण आडवाणी समेत हजारों नेताओं को गिरफ्तार किया गया था,प्रेस-पुलिस का दुरुपयोग हुआ और 38वें-42वें संशोधन से कार्यपालिका को असीमित अधिकार दिए गए थे,जिसे शाह आयोग ने “राजनीतिक दुरुपयोग” करार दिया था।
